Class10 NCRT समांतर श्रेणी Exercise – 5.3 pdf || UP Board

 Arithmetic Progressions (समांतर श्रेणी)
Exercise – 5.3

 

1. निम्नलिखित समांतर श्रेढ़ियों का योग ज्ञात कीजिए:

 

(i) 2, 7, 12, … , 10 पदों तक

यहाँ, a = 2 तथा d = 7 – 2 = 5 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

S10 = 10/2[2×2 + (10 – 1)5]

S10 = 5[4 + 45] = 245

 

(ii) -37, -33, -29, … , 12 पदों तक

यहाँ, a = -37 तथा d = -33 – (-37) = 4 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S12 = 12/2[2×-37 + (12 – 1)4]

S12 = 6[ -74 + 44] = -180

 

(iii) 0.6, 1.7, 2.8, … , 100 पदों तक

यहाँ, a = 0.6 तथा d = 1.7 – 0.6 = 1.1 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S100 = 100/2[2×0.6 + (100 – 1)1.1]

S100 = 50[1.2 + 99×1.1] = 50[110.1] = 5505

 

(iv) 1/15 , 1/12 , 1/10 , … , 11 पदों तक

यहाँ, a = 1/15 तथा d = 1/12 – (1/15) = 1/60/157 /15 , 1/12 , 1/10 , ... है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S11 = 11/2[2×(1/15) + (11 – 1)(1/60)]

S11 = 11/2[2/15 + 1/6] = 11/2[9/30] = 33/20

 

2. नीचे दिए हुए योगफलों को ज्ञात कीजिए:

 

(i) 7 + 10 ½ + 14 + … + 84

यहाँ, a = 7 तथा d = 10 ½ - 7 = 21/2 – 7 = 7/2 है,

माना, A.P. का nवाँ पद 84 है।

इसलिए, an = 84

a + (n – 1)d = 84

7 + (n – 1)(7/2) = 84

(n – 1) = 22

n = 23

A.P. का n पदों तक का योग,

[जब अंतिम पद (an या l) दिया हो।]

S23 = 23/2 [7 + 84]

S23 = 23/2 [91] = 2093/2

S23 = 1046 ½

 

(ii) 34 + 32 + 30 + … + 10

यहाँ, a = 34 तथा d = 32 - 34 = -2 है,

माना, A.P. का nवाँ पद 10 है।

इसलिए, an = 10

a + (n – 1)d = 10

34 + (n – 1)(-2) = 10

(n – 1)(-2) = -24

n – 1 = 12

n = 13

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a+l]    [जब अंतिम पद (an या l) दिया हो।]

S13 = 13/2 [34 + 10]

S13 = 13/2 [44] = 13×22

S13 = 286

 

(iii) -5 + (-8) + (-11) + … + (-230)

यहाँ, a = -5 तथा d = -8 – (-5) = -3 है,

माना, A.P. का nवाँ पद -230 है।

इसलिए, an = -230

a + (n – 1)d = -230

-5 + (n – 1)(-3) = -230

(n – 1)(-3) = -225

n – 1 = 75

n = 76

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a+l]   [जब अंतिम पद (an या l) दिया हो।]

S76 = 76/2 [-5 - 230]

S76 = 76/2 [-235] = -38×235

S76 = -8930

 

 

3. एक A.P. में,

(i) a = 5, d = 3 और an = 50 दिया है। n और Sn ज्ञात कीजिए।

(ii) a = 7 और a13 = 35 दिया है। d और S13 ज्ञात कीजिए।

(iii) a12 = 37 और d = 3 दिया है। a और S12 ज्ञात कीजिए।

(iv) a3 = 15 और S10 = 125 दिया है। d और a10 ज्ञात कीजिए।

(v) d = 7 और S9 = 75 दिया है। a और a9 ज्ञात कीजिए।

(vi) a = 2, d = 8 और Sn = 90 दिया है। n और an ज्ञात कीजिए।

(vii) a = 8, an = 62 और Sn = 210 दिया है। n और d ज्ञात कीजिए।

(viii) an = 4, d = 2 और Sn = -14 दिया है। n और a ज्ञात कीजिए।

(ix) a = 3, n = 8 और S = 192 दिया है। d ज्ञात कीजिए।

(x) l = 28, S = 144 और कुल 9 पद हैं। a ज्ञात कीजिए।

 

(i) यहाँ a = 5, d = 3 तथा an = 50 है,

A.P. का nवाँ पद 50 है।

इसलिए, an = 50

a + (n – 1)d = 50

5 + (n – 1)3 = 50

(n – 1)3 = 45

n – 1 = 15

n = 16

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a+l]   [जब अंतिम पद (an या l) दिया हो।]

S16 = 16/2 [5 + 50]

S16 = 8 [55] = 440

 

(ii) यहाँ a = 7 तथा a13 = 35 है,

A.P. का 13वाँ पद 35 है।

इसलिए, a13 = 35

a + (n – 1)d = 35

7 + (13 – 1)d = 35

12d = 28

d = 28/12 = 7/3

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a+l]  

S13 = 13/2 [7 + 35]

S13 = 13/2 [42] = 273

 

(iii) यहाँ d = 3 तथा a12 = 37 है,

A.P. का 12वाँ पद 37 है।

इसलिए, a12 = 37

a + (n – 1)d = 37

a + (12 – 1)3 = 37

a + 11×3 = 37

a = 37 – 33

a = 4

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a+l]  

S12 = 12/2 [4 +37]

S16 = 6 [41] = 246

 

(iv) यहाँ a3 = 15 तथा S10 = 125 है,

a3 = 15

a + (3 – 1)d = 15

a  + 2d = 15

a = 15 – 2d             ………(1)

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S10 = 10/2 [2a + (10 – 1)d]

125 = 5[2a + 9d]

2a + 9d = 25

समीकरण (1) से a का मान रखने पर,

2(15 – 2d) + 9d = 25

30 – 4d + 9d = 25

5d = -5

d = -1

समीकरण (1) से d का मान रखने पर,

a = 15 – 2(-1) = 17

an = a + (n – 1)d

a10 = 17 + (10 – 1)(-1) = 17 – 9 = 8

a10 = 8

 

(v) यहाँ d = 5 तथा S9 = 75 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S9 = 9/2 [ 2a + (9 – 1)5]

75 = 9/2 [ 2a + 40]

75 = 9a + 180

a = -105/9 = -35/3

an = a + (n – 1)d

a9 = -35/3 + (9 – 1)5 = -35/3 + 40 = 85/3

a9 = 85/3

 

(vi) यहाँ a = 2, d = 8 तथा Sn = 90 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

90 = n/2 [ 2×2 + (n – 1)8]

90 = n/2 [4 + 8n – 8]

90 = n/2 [8n – 4]

90 = 4n2 – 2n

2n2 – n – 45 = 0

2n2 – 10n + 9n  - 45 = 0

2n(n – 5) + 9(n – 5) = 0

(2n + 9)(n – 5) = 0

n – 5 = 0             [2n + 9 ≠ 0, n ≠ -9/2]

n = 5

an = a + (n – 1)d

a5 = 2 + (5 – 1)8 = 2 + 32 = 34

 

(vii) यहाँ a = 8, an = 62 तथा Sn = 210 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a + an]

210 = n/2 [8 + 62]

210 = 35n

n = 210/35 = 6

an = a + (n – 1)d

62 = 8 + (6 – 1)d

54 = 5d

d = 54/5

 

(viii) यहाँ an = 4, d = 2 तथा Sn = -14 है,

an = a + (n – 1)d

4 = a + (n – 1)2

4 = a + 2n – 2

a = 6 – 2n          ………(1)

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

-14 = n/2 [2a + (n – 1)2]

-14 = n[a + n - 1]

समीकरण (1) से a का मान रखने पर,

-14 = n[6 – 2n + n – 1]

-14 = n[5 – n]

-14 = 5n – n2

n2 – 5n – 14 = 0

n2 - 7n + 2n – 14 = 0

n(n – 7) + 2(n – 7) = 0

(n – 7)(n + 2) = 0

n – 7 = 0   [ n + 2 ≠ 0, n ≠ -2]

समीकरण (1) से d का मान रखने पर,

a = 6 – 2(7) = -8

 

(ix) यहाँ a = 3, n = 8 तथा S = 192 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a + an]

192 = 8/2 [3 + an]

192 = 4 [3 + an]

3 + an = 192/4 = 48

an = 45

an = a + (n – 1)d

45 = 3 + (8 – 1)d

42 = 7d

d = 42/7

d = 6

 

(x) यहाँ l = 28, S = 144 तथा n = 9 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a + l]

144 = 9/2[a + 28]

144×2/9 = a + 28

32 = a + 28

a = 4

 

4. 636 योग प्राप्त करने के लिए A.P.: 9, 17, 25, …36 4a + 28

+ 6(1

 + 9 + ... के कितने पद लेने चाहिए?

 

यहाँ a = 9, d = 17 – 9 = 8 तथा Sn = 636 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

636 = n/2 [2×9 + (n – 1)8]

636 = n[9 + 4n – 4]

4n2 + 53n – 48n – 636 = 0

n(4n + 53) -12 (4n + 53) = 0

(n – 12) (4n + 53) = 0

n – 12 = 0          [4n + 53 ≠ 0, n ≠ -53/4]

n = 12

अतः 636 योग प्राप्त करने के लिए A.P.:9, 17, 25, … के 12 पद लेने चाहिए।

 

5. किसी A.P. का प्रथम पद 5, अंतिम पद 45 और योग 400 है। पदों की संख्या और सार्व अंतर ज्ञात कीजिए।

 

यहाँ a = 5, an = 45 तथा Sn = 400 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a + an]

400 = n/2 [5 + 45]

400 = 25n

n = 400/25 = 16

an = a + (n – 1)d

45 = 5 + (16 – 1)d

40 = 15d

d = 40/15 = 8/3

अतः, पदों की संख्या 16 और सार्व अंतर 8/3 है।

 

6. किसी A.P. के प्रथम और अंतिम पद क्रमशः 17 और 350 हैं। यदि सार्व अंतर 9 है, तो इसमें कितने पद है और इनका योग क्या है?

 

यहाँ a = 17, an = 350 तथा d = 9 है,

an = a + (n – 1)d

350 = 17 + (n – 1)9

350 = 17 + 9n – 9

350 = 8 + 9n

n = 342/9 = 38

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a + an]

S38 = 38/2 [17 + 350]

400 = 19 × 367

 = 6973

अतः, इसमें 38 पद हैं और इनका योग 6973 है।

 

7. उस A.P. के प्रथम 22 पदों का योग ज्ञात कीजिए, जिसमें d = 7 है और 22वाँ पद 149 है।

 

यहाँ d = 7, an = 149 तथा n = 22 है,

an = a + (n – 1)d

149 = a + (22 – 1)7

149 = a + 147

a = 2

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [a + an]

S22 = 22/2 [2 + 149]

S22 = 11 × 151

 = 1661

अतः, A.P. के प्रथम 22 पदों का योग 1661 है।

 

8. उस A.P. के प्रथम 51 पदों का योग ज्ञात कीजिए, जिसके दूसरे और तीसरे पद क्रमशः 14 और 18 हैं।

 

यहाँ a2 = 14, a3 = 2 तथा n = 51 है,

an = a + (n – 1)d

a2 = a + (2 – 1)d

14 = a + d

a = 14 – d          ………(1)

और a3 = a + (3 – 1)d

18 = a + 2d

समीकरण (1) से a का मान रखने पर,

18 = 14 – d + 2d

d = 4

समीकरण (1) से d का मान रखने पर,

a = 14 – 4 = 10

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S51 = 51/2 [2×10 + (51 – 1)4]

S51 = 51/2 [220] = 5610

 

9. यदि किसी A.P. के प्रथम 7 पदों का योग 49 है और प्रथम 17 पदों का योग 289 है, तो इसके प्रथम n पदों का योग ज्ञात कीजिए।

 

यहाँ S7 = 49 तथा S17 = 289 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n – 1)d]

S7 = 7/2 [2a + (7 – 1)d]

49 = 7/2 [2a + 6d]

49 = 7(a + 3d)

7 = a + 3d

a = 7 – 3d     ………….(1)

और S17 = 17/2 [2a + (17 – 1)d]

289 = 17/2 [2a + 16d]

289 = 17(a + 8d)

17 = a + 8d

समीकरण (1) से a का मान रखने पर,

17 = 7 – 3d + 8d

5d = 10

d = 2

समीकरण (1) से d का मान रखने पर,

a = 7 – 3 × 2 = 1

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

 = n/2 [2×1 + (n – 1)2]

 = n/2 [2 + 2n – 2] = n2

 

10. दर्शाइए कि a1, a2, … , an, … से एक A.P. बनती है, यदि an नीचे दिए अनुसार परिभाषित है:

(i) an = 3 + 4n                                  (ii) an = 9 – 5n

साथ ही, प्रत्येक स्थिति में, प्रथम 15 पदों का योग ज्ञात कीजिए।

 

(i) an = 3 + 4n

n का मान 1 रखने पर,

a1 = 3 + 4×1 = 7

n का मान 2 रखने पर,

a2 = 3 + 4×2 = 11

इसीप्रकार, a3 = 3 + 4×3 = 15

a4 = 3 + 4×4 = 19

क्रमागत पदों में अंतर:

a2 – a1 = 11 – 7 = 4

a3 – a2 = 15 – 11 = 4

a4 – a3 = 19 – 15 = 4

क्रमागत पदों में अंतर समान है। अतः a1, a2, … , an, … से एक A.P. बनती है।

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S15 = 15/2 [2×7 + (15 – 1)4]

S15 = 15/2 [70] = 525

 

(ii) an = 9 - 5n

n का मान 1 रखने पर,

a1 = 9 - 5×1 = 4

n का मान 2 रखने पर,

a2 = 9 - 5×2 = -1

इसीप्रकार, a3 = 9 - 5×3 = -6

a4 = 9 - 5×4 = -11

क्रमागत पदों में अंतर:

a2 – a1 = -1 – 4 = -5

a3 – a2 = -6 – (-1) = -5

a4 – a3 = -11 – (-6) = -5

क्रमागत पदों में अंतर समान है। अतः a1, a2, … , an, … से एक A.P. बनती है।

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S15 = 15/2 [2×4 + (15 – 1)×-5]

S15 = 15/2 [-62] = -465

 

11. यदि किसी A.P. के प्रथम n पदों का योग 4n – n2 है, तो इसका प्रथम पद (अर्थात S1 ) क्या है? प्रथम दो पदों का योग क्या है? दूसरा पद क्या है? इसी प्रकार, तीसरे, 10वें और nवें पद ज्ञात कीजिए।

 

A.P. के प्रथम n पदों का योग,

Sn = 4n – n2

n का मान 1 रखने पर,

प्रथम पद = a1 = S1 = 4×1 – 12 = 3

n का मान 2 रखने पर,

प्रथम दो पदों का योग = a1 + a2 = S2 = 4×2 – 22 = 4

a1 + a2 = 4

3 + a2 = 4              [प्रथम पद a1 = 3 ]

a2 = 1

अतः, दूसरा पद 1 है

सार्व अंतर d = a2 – a1 = 1 – 3 = - 2

इसलिए, दसवाँ पद = a10 = a + 9d = 3 + 9×-2 = -16

इसी प्रकार, nवाँ पद = an = a + (n – 1)d = 3 + (n – 1)×-2 = 5 – 2n

 

12. ऐसे प्रथम 40 धन पूर्णांकों का योग ज्ञात कीजिए जो 6 से विभाज्य हैं।

 

प्रथम 40 धन पूर्णांक, जो 6 से विभाज्य है: 6, 12, 18, … , 240

यहाँ a = 6, d = 12 – 6 = 6 तथा n = 40 है,

A.P. का n पदों तक का योग

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S40 = 40/2 [2×6 + (40 – 1)6]

   = 20 [12 + 234]

   = 20 [246]

   = 4920

अतः, 6 से विभाज्य, प्रथम 40 धन पूर्णांकों का योग 4920 है।

 

13. 8 के प्रथम 15 गुणजों का योग ज्ञात कीजिए।

 

8 के प्रथम 15 गुणज: 8, 16, 24, … , 120

यहाँ, a = 8, d = 16 - 8 = 8 तथा n = 15 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S15 = 15/2 [2×8 + (15 – 1)8]

      = 15/2 [16 + 112]

   = 15/2 (128)

   = 960

अतः, 8 के प्रथम 15 गुणजों का योग 960 है।

 

14. 0 और 50 के बीच की विषम संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।

 

0 और 50 के बीच की विषम संखयाएं: 1, 3, 5, … , 49

यहाँ, a = 1, d = 3 – 1 = 2 तथा n = 25 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S25 = 25/2 [2×1 + (25 – 1)2]

      = 25/2 [2 + 48]

   = 25/2 (50)

   = 625

अतः, 0 और 50 के बीच की विषम संख्याओं का योग 625 है।

 

15. निर्माण कार्य से संबंधित किसी ठेके में, एक निश्चित तिथि के बाद कार्य को विलंब से पूरा करने के लिए, जुर्माना लगाने का प्रावधान इस प्रकार है: पहले दिन के लिए200, दूसरे दिन के लिए ₹250, तीसरे दिन के लिए ₹300 इत्यादि, अर्थात प्रत्येक उटरोत्तर दिन का जुर्माना अपने से ठीक पहले दिन के जुर्माने से ₹50 अधिक है। एक ठेकेदार को जुर्माने के रूप में कितनी राशि अदा करना पड़ेगी, यदि वह इस कार्य में 30 दिन का विलंब कर देता है?

 

जुर्माना के रूप में अदा की गई राशि निम्नलिखित समांतर श्रेढ़ी में है:

₹200, ₹250, ₹300, ₹350, …

यहाँ a = 200, d = 250 – 200 = 50 तथा n = 30 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S30 = 30/2 [2×200 + (300 – 1)50]

       = 15[400 + 1450]

       = 15(1850)

       = 27750

अतः, एक ठेकेदार को जुर्माने के रूप में ₹27750 राशि अदा करनी पड़ेगी।

 

16. किसी स्कूल के विद्यार्थियों को उनके समग्र शैक्षिक प्रदर्शन के लिए 7 नकद पुरस्कार देने के लिए700 की राशि रखी गई है। यदि प्रत्येक पुरस्कार अपने से ठीक पहले पुरस्कार से20 कम है, तो प्रत्येक पुरस्कार का मान ज्ञात कीजिए।

 

माना पहला पुरस्कार = ₹x

कुल पुरस्कार = 7

कुल राशि = ₹700

इसलिए, 7 पुरस्कार देने के लिए रखी गई राशि,

x + (x – 20) + (x – 40) + (x – 60) + (x – 80) + (x – 100) + (x – 120) = 700

7x – 420 = 700

7x = 1120

x = 1120/7 = 160

अतः, 7 पुरस्कारों की राशि: 160, 140, 120, 100, 80, 60 तथा 40 है।

 

17. किसी स्कूल के विद्यार्थियों ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए स्कूल के अंदर और बाहर पेड़ लगाने के बारे में सोचा। यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक अनुभाग अपनी कक्षा की संख्या के बराबर पेड़ लगाएगा। उदाहरणार्थ, कक्षा I का एक अनुभाग 1 पेड़ लगाएगा, कक्षा II का एक अनुभाग 2 पेड़ लगाएगा, कक्षा III का एक अनुभाग 3 पेड़ लगाएगा, इत्यादि और ऐसा कक्षा XII तक के लिए चलता रहेगा। प्रत्येक कक्षा के तीन अनुभाग है। इस स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए कुल पेड़ों की संख्या कितनी होगी?

 

कक्षा  का एक अनुभाग 1 पेड़ लगाएगा तथा प्रत्येक कक्षा के तीन अनुभाग है। इसलिए,

कक्षा I विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए कुल पेड़ों की संख्या = 3 × 1 = 3

कक्षा II विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए कुल पेड़ों की संख्या = 3 × 2 = 6

कक्षा III विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए कुल पेड़ों की संख्या = 3 × 3 = 9

इसीप्रकार, प्रत्येक कक्षा के तीन अनुभाग द्वारा लगाए गए कुल पेड़ों की संख्या,

3, 6, 9, … , 36

यहाँ a = 3, d =  6 – 3 = 3 तथा n = 12 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S12 = 12/2 [2×3 + (12 – 1)3]

       = 6[6 + 33]

       = 6(39)

       = 234

अतः, इस स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए कुल पेड़ों की संख्या = 234

 

18. केंद्र A से प्रारम्भ करते हुए, बारी-बारी से केंद्रों A और B को लेते हुए, त्रिज्याओं 0.5 cm, 1.0 cm, 1.5 cm, 2.0 cm, … वाले उतरोत्तर अर्धवृत्तों से वने इस सर्पिल (spiral) बनाया गया है, जैसाकि आकृति 5.4 में दर्शाया गया है। तेरह क्रमागत अर्धवृत्तों से बने इस सर्पिल की कुल लंबाई क्या है? (π = 22/7 लीजिए।)

[ संकेत: क्रमशः केंद्रों A, B, A, B, … वाले अर्धवृत्तों की लंबाइयाँ l1, l2, l3, l4,… हैं।]

 

अर्धवृत्त का परिमाप = ½ (2πr)

अर्धवृत्तों की त्रिज्याएँ: 0.5 cm, 1.0 cm, 1.5 cm, 2.0 cm, …

इसलिए, पहले सर्पिल की लंबाई l1 = π(0.5) cm

दूसरे सर्पिल की लंबाई l2 = π(1.0) cm

इसीप्रकार, l1, l2, l3, l4, …  की लंबाई निम्नलिखित है:

π(0.5) cm, π(1.0) cm, π(1.5) cm, π(2.0) cm, …

यहाँ a = 0.5π, d = 1.0π – 0.5π = 0.5π तथा n = 13 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S13 = 13/2 [2(0.5π) + (13 – 1)0.5π]

       = 6.5[π + 6π]

       = 6.5(7 × 22/7)

       = 6.5 × 22 = 143 cm

अतः, तेरह क्रमागत अर्धवृत्तों से बने इस सर्पिल की कुल लंबाई 143 cm है।

 

19. 200 लट्ठों (logs) को ढेरी के रूप में इस प्रकार रखा जाता है: सबसे नीचे वाली पंक्ति में 20 लट्ठे, उससे अगली पंक्ति में 19 लट्ठे, उससे अगली पंक्ति में 18 लट्ठे, इत्यादि (देखिए आकृति 5.5) ये 200 लट्ठे कितनी पंक्तियों में रखे गए है तथा सबसे ऊपरी पंक्ति में कितने लट्ठे है?

सबसे नीचे वाली पंक्ति में लट्ठे = 20

उससे अगली पंक्ति में लट्ठे = 19

उससे अगली पंक्ति में लट्ठे = 18

इसप्रकार, लट्ठों की A.P. निम्नलिखित है,

20, 19, 18, 17, …

यहाँ  a = 20, d = 19 – 20 = -1 तथा Sn = 200 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

200 = n/2 [2×20 + (n – 1)×-1]

400 = n[40 – n + 1]

400 = 41n – n2

n2 – 41n + 400 = 0

n2 – 16n – 25n + 400 = 0

n(n – 16) – 25(n – 16) = 0

(n – 16) (n – 25) = 0

n – 16 = 0, n – 25 = 0

n = 16, n = 25

यदि n = 16, a16 = a + 15d = 20 + 15(-1) = 5

यदि n = 25, a25 = a + 24d = 20 + 24(-1) = -4 जो कि संभव नहीं है।

अतः, ये 200 लट्ठे 16 पंक्तियों में रखे गए है तथा सबसे ऊपरी पंक्ति में 5 लट्ठे है।

 

20. एक आलू दौड़ (potato race) में, प्रारंभिक स्थान पर एक बाल्टी रखी हुई है, जो पहले आलू से 5m की दूरी पर है, तथा अन्य आलुओं को एक सीधी रेखा में परस्पर 3m की दूरियों पर रखा गया है। इस रेखा पर 10 आलू रखे गए हैं (देखिए आकृति 5.6)

प्रत्येक प्रतियोगी बाल्टी से चलना प्रारम्भ करती है, निकटतम आलू को उठती है, उसे लेकर वापस आकर दौड़कर बाल्टी में डालती है, दूसरा आलू उठाने के लिए वापस दौड़ती है, उसे उठाकर वापस बाल्टी में डालती है, और वह ऐसा तब तक करती रहती है, जब तक सभी आलू बाल्टी में जाएँ। इसमें प्रतियोगी को कुल कितनी दूरी दौड़नी पड़ेगी?

[संकेत: पहले और दूसरे आलुओं को उठाकर बाल्टी में डालने तक दौड़ी गई दूरी = 2 × 5, 2 × (5 + 3) है। ]

 

पहले आलू को उठाकर बाल्टी में डालने तक दौड़ी गई दूरी = 2×5 = 10

दूसरे आलू को उठाकर बाल्टी में डालने तक दौड़ी गई दूरी = 2 × (5 +3) = 16

इसप्रकार, प्रत्येक आलू को उठाकर लाने में तय दूरी की A.P. निम्नलिखित है:

10, 16, 22, 28, …

यहाँ a = 10, d = 16 – 10 = 6 तथा n = 10 है,

A.P. का n पदों तक का योग,

Sn = n/2 [2a+ (n-1)d]

S10 = 10/2 [2×10 + (10 – 1)6]

       = 5[20 + 54]

       = 5(74)

       = 370

अतः, प्रतियोगी को कुल 370 m दूरी दौड़नी पड़ेगी।

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