क्रियात्मक अनुसंधान का अर्थ, परिभाषा, सोपान, महत्व, प्रकार, विशेषताएं

क्रियात्मक अनुसंधान का अर्थ(Meaning of Action Research)




क्रियात्मक अनुसंधान एक संकल्पित, समाधान अनुकूल खोज है जिसे व्यक्ति एवं समूह द्वारा किया जाता है इसमें विद्यालय में हो रही क्रियाओं का अध्ययन करना और उनमें उन्नयन लाना प्रमुख उद्देश्य है शिक्षा में क्रियात्मक अनुसंधान विद्यालय में हो रही गतिविधियों के ज्ञान के लिए एक प्रयास है जिससे अनुदेशन में गुणवत्ता लाई जा सके
विद्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार एवं परिवर्तन लाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण विधि है इसके अनुसार शिक्षक अपने शिक्षण की समस्याओं तथा प्रधानाचार्य विद्यालयों की समस्या के वैज्ञानिक अध्ययन से उनमें सुधार एवं परिवर्तन लाते हैं क्रियात्मक अनुसंधान की प्रक्रिया समस्या केंद्रित है इसका उद्देश्य ना तो शोध प्रबंध लिखना होता है और ना ही उपलब्धि प्राप्त करना होता है इसका उद्देश्य कक्षा कार्य प्रणाली की समस्या का समाधान करके उसमें सुधार एवं परिवर्तन लाना होता है






क्रियात्मक अनुसंधान की परिभाषा (Definition Of Action Research)


मेक ग्रेथटे के अनुसार- क्रियात्मक अनुसंधान व्यवस्थित खोज की क्रिया है जिसका उद्देश्य व्यक्ति या समूह क्रियाओं में रचनात्मक सुधार तथा विकास लाना है।

अनुसंधान के सोपान (Steps Of Research)


अनुसंधान के 6 सोपान होते हैं

  1. समस्या का चयन करना (Selection of a Problem)
  2. परिकल्पना का प्रतिपादन करना (Formulation of Hypothesis)
  3. शोध की रूपरेखा तैयार करना (Design of Research)
  4. प्रदत्तो का संकलन करना (Collection of Data)
  5. प्रदत्तो का विश्लेषण करना (Analysis of Data)
  6. सामान्यीकरण तथा निष्कर्षों का  प्रतिपादन करना (Formulation of Generalisations and Conclusions)
इन सोपानों का संक्षेप में वर्णन निम्नलिखित हैं 

1.समस्या का चयन करना (Selection of a Problem)- इसमें समस्या का चयन किया जाता है उसके बाद समस्या  को परिभाषित किया जाता है जिससे समस्या का सीमांकन होता है और उसे व्यवहारिक रूप दिया जा सकता है इसके लिए चिंतन की आवश्यकता होती है 

2.परिकल्पना का प्रतिपादन करना (Formulation of Hypothesis)- इसमें समस्या के लिए संभावित साधनों के लिए कथन दिए जाते हैं इन्हें परिकल्पना कहते हैं परिकल्पना से संभावित समाधान होता है 

3.शोध की रूपरेखा तैयार करना (Design of Research)- इसमें परिकल्पना की पुष्टि के लिए प्रारूप तैयार किया जाता है जिससे शोध विधि तथा प्रविधियों के संबंध में निर्णय लिया जाता है प्रदत्तो के संकलन के लिए परीक्षाओं का चयन किया जाता है 

4.प्रदत्तो का संकलन करना (Collection of Data)- इसमें प्रदत्तो का संकलन किया जाता है परीक्षाएं छात्रों को देकर उनका आकलन किया जाता है इस प्रकार प्राप्त प्रदत्तों की व्यवस्था की जाती है 

5.प्रदत्तो का विश्लेषण करना (Analysis of Data)- इसमें प्रदत्तों को सार्थक बनाने के लिए सांख्यिकीय प्रविधियां को प्रयुक्त किया जाता है प्रदत्तों के विश्लेषण से परिकल्पनाओं की पुष्टि की जाती है और उनके आधार पर निर्णय लिया जाता है तथा प्रदत्तों के विश्लेषण के परिणामों की व्याख्या की जाती है 

6.सामान्यीकरण तथा निष्कर्षों का  प्रतिपादन करना (Formulation of Generalisations and Conclusions)- इसमें प्रदत्तों के विश्लेषण एवं परिणामों के आधार पर निष्कर्ष का प्रतिपादन किया जाता है जो नवीन ज्ञान की वृद्धि करते हैं और जिनके द्वारा क्रियाओं में सुधार एवं विकास लाया जाता है सभी प्रकार के शोध कार्यों में इन्हीं सोपानों का अनुसरण किया जाता है 

शोध कार्यों को मुख्य रूप से दो वर्गों में विभाजित करते हैं 
  1. मौलिक अनुसंधान 
  2. क्रियात्मक अनुसंधान 
शिक्षा के विकास की दृष्टि से दोनों ही प्रकार के शोध कार्यों का महत्व है परंतु क्रियात्मक अनुसंधान को शिक्षा प्रक्रिया में सुधार तथा विकास के लिए प्रयुक्त किया जाता है।





क्रियात्मक शोध के प्रकार (Types of Action Research)


सामान्यतः क्रियात्मक अनुसंधान को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है 

1.वर्णनात्मक क्रियात्मक अनुसंधान (Descriptive Action Research)- इस प्रकार का शोध किसी क्षेत्र में वस्तु स्थिति खोजने के लिए किया जाता है उदाहरणार्थ किसी स्कूल के पुस्तकालय का अध्ययन करना, किसी स्कूल के खेलकूद कार्यक्रम का अध्ययन करना आदि 

2.नैदानिक क्रियात्मक अनुसंधान (Diagnostic Action Research)- इस प्रकार का शोध किसी भी प्रचलित प्रक्रिया में कमियों को पहचानने और उनका निदान करने में सहायक होता है जैसे भौतिक विज्ञान में छात्रों को कम अंकों की उपलब्धि होना और उन्हें दूर करने के उपाय ढूंढना 

3.प्रायोगिक क्रियात्मक अनुसंधान (Experimental Action Research)- इस प्रविधि में शिक्षा में नवीन विचारों का प्रयोग किया जाता है जिससे प्रचलित प्रणाली में उन्नयन किया जा सके उदाहरणार्थ छात्र केंद्रीय अधिगम को प्रोत्साहित करना सतत व्यापक मूल्यांकन प्रविधि का प्रयोग करना।

क्रियात्मक अनुसंधान की विशेषताएं (Common Characteristics of Action Research)

  1. क्रियात्मक शोध क्रिया आधारित होती है और परिवर्तन की आशा से किया जाता है 
  2. क्रियात्मक शोध समस्या केंद्रित होती है 
  3. क्रियात्मक अनुसंधान द्वारा शिक्षक नवीन प्रयोग करने की जिज्ञासा रखते हैं जिससे विद्यार्थियों का अधिगम उन्नत होता है 
  4. क्रियात्मक अनुसंधान सहकारिता व सहभागिता उन्मुख होता है जिससे विविध विशेषताओं वाले शिक्षक मिलकर कार्य कर सकते हैं 
  5. क्रियात्मक शोध एक सुव्यवस्थित वैज्ञानिक प्रणाली पर आधारित होती है

क्रियात्मक अनुसंधान के उद्देश्य (Objectives of Action Research)


  1. छात्रों की निष्पत्ति स्तर को ऊंचा उठाना 
  2. विद्यालय के कारण प्रणाली को प्रभावी बनाना 
  3. विद्यालयों को परंपरागत रूढ़िवादिता तथा यांत्रिक वातावरण में सुधार करना 
  4. शैक्षिक प्रशासकों तथा प्रबंधकों को विद्यालय की कार्य प्रणाली के सुधार तथा परिवर्तन के लिए सुझाव देना 
  5. विद्यालय के कार्यकर्ताओं में कार्य कौशल का विकास करना 
  6. विद्यालय के कार्यकर्ताओं, शिक्षक, प्रबंधक, प्रधानाचार्य तथा निरीक्षकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना 
  7. छात्रों तथा शिक्षकों में प्रजातंत्र के वास्तविक गुणों का विकास करना 
  8. विद्यालय की कार्य प्रणाली में सुधार तथा विकास करना

 क्रियात्मक अनुसंधान का क्षेत्र (Scope of Action Research)


  1. विद्यालय के संगठन तथा प्रशासन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्रधानाचार्य क्रियात्मक अनुसंधान की सहायता लेते हैं 
  2. परीक्षा में छात्रों के नकल करने की समस्या के समाधान में प्रयोग करते हैं 
  3. छात्र एवं शिक्षक संबंधी समस्याओं तथा छात्रों में परस्पर आदान-प्रदान की समस्याओं के लिए प्रयुक्त करते हैं 
  4. छात्रों की अनुपस्थिति तथा विद्यालय में विलंब आने की समस्या के समाधान में कार्य करता है 
  5. भाषा शिक्षण में वर्तनी तथा वचन की समस्या के लिए भी क्रियात्मक अनुसंधान को प्रयुक्त किया जाता है 
  6. शिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों में दिए जाने वाले ग्रह कार्यों की प्रणाली को प्रभावशाली बनाने के लिए इसे प्रयोग करते हैं 
  7. छात्रों की अभिरुचि, ध्यान, तत्परता तथा जिज्ञासा में वृद्धि करने के लिए इसे प्रयुक्त करते हैं 
  8. शिक्षण में प्रयुक्त होने वाली सहायक सामग्री जिसकी उपयोगिता के संबंध में निर्णय लेने के लिए इसका प्रयोग करते हैं 
  9. कक्षा शिक्षण विधियों एवं युक्तियों में सुधार लाने के लिए प्रयोग करते हैं






क्रियात्मक अनुसंधान की आवश्यकता एवं महत्व (Need And Importance of Action Research)


  1. शोधकर्ता को किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती ना विशेष शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता होती है उसे केवल सोपानों का बोध होना चाहिए तथा समस्या की सूझबूझ होनी चाहिए 
  2. शिक्षक को कार्यकुशलता का अवसर मिलता है तथा वह अपनी कार्यप्रणाली में सुधार तथा विकास करता है  
  3. शिक्षक स्वयं साधन जुटा आता है 
  4. शिक्षक स्वयं निर्णय लेता है कि समस्या के समाधान में कहां तक सफलता मिली और शिक्षक को सफलता मिलने पर पुनर्बलन मिलता है 
  5. कार्यविधि की समस्या के समाधान तथा व्यवहारिक रूप होता है 
  6. इसमें सरल सांख्यिकी का ही प्रयोग किया जाता है निरीक्षण के आधार पर भी निर्णय लिया जाता है 
  7. क्रियात्मक अनुसंधान के लिए प्रदत्तों का संकलन किया जाता है 
  8. क्रियात्मक अनुसंधान की रूपरेखा लचीली होती है शोधकर्ता को विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती है 
  9. इससे एक समय में एक ही परिकल्पना का सत्यापन किया जाता है 
  10. क्रियात्मक अनुसंधान में समस्या का रूप संकुचित होता है जो कच्छा, विषय तथा विद्यालय तक ही सीमित होता है 
  11. अनुसंधानकर्ता शिक्षक प्राचार्य प्रशासन तथा विद्यालय निरीक्षक होता है तथा उसका समस्या से प्रत्यक्ष संबंध होता है 
  12. विद्यालय तथा कक्षा शिक्षण की कार्यप्रणाली में सुधार लाना

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