शैक्षिक तकनीकी अर्थ, परिभाषा, प्रकृति, विशेषताएँ, सीमाएँ || Shaikshik takaneekee

शैक्षिक तकनीकी


शैक्षिक तकनीकी अर्थ, परिभाषा, प्रकृति, विशेषताएँ, सीमाएँ

शैक्षिक तकनीकी का अर्थ


शैक्षिक तकनीकी दो शब्दों से मिलकर बना है  शिक्षा और तकनीकी  शिक्षण का अर्थ है शिक्षा देना पढ़ाना या प्रशिक्षित करना अतः जब शिक्षक अपने शिक्षण को प्रभावशाली बनाने के लिए  विभिन्न तकनीकी साधनों की मदद लेता है जिससे शिक्षण एवं अधिगम दोनों प्रभावित होते हैं  उसे हम शिक्षण तकनीकी कहते हैं  शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सहज, सरल, प्रभावशाली बनाने के लिए वैज्ञानिक, तकनीकी, मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों, विधियों का उचित प्रयोग शिक्षा तकनीकी कहलाता है जैसे-जैसे नवीनतम खोज तथा अविष्कार सामने आते हैं शैक्षिक तकनीकी के अर्थ, परिभाषा तथा स्वरूप में परिवर्तन होता रहता है आज विज्ञान के युग में वैज्ञानिक तथा प्रौद्योगिकी अविष्कारों ने मानव जीवन के हर पक्ष को प्रभावित किया है जिनसे शिक्षा, शिक्षण तथा अधिगम भी बहुत प्रभावित हुए हैं शैक्षिक तकनीक में मुख्यतः दो बिंदु निहित है 1. शिक्षण उद्देश्यों की प्राप्ति करना, 2. शिक्षण की क्रियाओं का यंत्रीकरण करना।







शैक्षिक तकनीकी की परिभाषाएँ


 डॉ. एस. एस. कुलकर्णी के अनुसार, “शैक्षिक तकनीकी उन सभी प्रणालियों, विधियों एवं माध्यमों का विज्ञान है जिसके द्वारा शिक्षा के उद्देश्यों की प्राप्ति की जा सकती है।”

 जे. पी. डिसिको के अनुसार, “शैक्षिक तकनीकी व्यावहारिक शिक्षण की समस्याओं में अधिगम मनोविज्ञान के विस्तृत प्रयोग का एक रूप है।”

बी. एफ. स्किनर के अनुसार, “शिक्षण तकनीकी वह शास्त्र है जो शिक्षा की प्रभावशीलता में वृद्धि करता है तथा संपूर्ण शिक्षण प्रक्रिया के अपेक्षाकृत अधिक समुन्नत करता है।”

 आई. के. डेविस के अनुसार, “शैक्षिक तकनीकी का संबंध शैक्षिक और प्रशिक्षण के संदर्भ में समस्याओं से होता है और उसमें अधिगम के स्रोतों के संगठन में अनुशासित और प्रणाली उपागम के प्रयोग की क्षमता विशेष होती है।”


 शैक्षिक तकनीकी की विशेषताएँ


शैक्षिक तकनीकी की विशेषताएँ निम्नलिखित है


  1. शैक्षिक तकनीकी शिक्षण समस्याओं को समझकर नई तकनीकी विकसित करती है और उस समस्याओं के समाधान में काफी मदद करती है 
  2. शैक्षिक तकनीकी शिक्षा विज्ञान तथा शिक्षण कला दोनों को प्रभावित करती है 
  3. शैक्षिक तकनीकी शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सरल तथा सशक्त बनाती है 
  4. शैक्षिक तकनीकी शिक्षा के प्रसार में सहायता देती है शैक्षिक तकनीकी निरंतर विकास  का विषय हैं 
  5. बाल केंद्रित शिक्षा अथवा व्यक्तिगत भिन्नता के आधार पर शिक्षा समस्त शैक्षिक प्रणाली का मूल आधार है अभिक्रमित अनुदेशन इस उद्देश्य की पूर्ति में सर्वाधिक सहायक सिद्ध हुए हैं और यह शैक्षिक तकनीकी का भी योगदान है 
  6. समय के साथ जिस तरह विज्ञान का विकास होता है वैसे वैसे ही शैक्षिक तकनीकी का विकास होता है 
  7. यह निरंतर विकास करती है विज्ञान के विभिन्न नियम तथा अविष्कार ही शैक्षिक तकनीकी के आधार बनते हैं 
  8. शैक्षिक तकनीकी प्रमुख रूप से शिक्षा के उद्देश्यों को प्राप्त करने पर बल देती है यह शैक्षिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु अधिगम परिस्थितियों में आवश्यक परिवर्तन लाने में सक्षम है 
  9. शैक्षिक तकनीकी ज्ञानात्मक, क्रियात्मक उद्देश्यों से संबंधित हैं शैक्षिक तकनीकी में व्यवहारिक पक्ष को महत्त्व दिया जाता है 
  10. शैक्षिक तकनीकी से छात्र, शिक्षक, प्रशासक तथा संपूर्ण विद्यालय का वातावरण प्रभावित होता है






 शैक्षिक तकनीकी की प्रकृति



  1. शैक्षिक तकनीकी शिक्षा को दूर-दराज के इलाकों में फैलाने में सहायता देती है 
  2. यह शैक्षिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु अधिगम की परिस्थितियों में आवश्यकता अनुसार परिवर्तन लाने में सहायक है 
  3. शैक्षिक तकनीकी स्वयं से सीखने को बढ़ावा देती है 
  4. शैक्षिक तकनीकी अधिगम की प्रक्रिया को अधिक सरल और सशक्त बनाती है 
  5. शैक्षिक तकनीकी के विकास के फल स्वरुप शिक्षण में नवीन शिक्षण विधियों तथा नवीन शिक्षण तकनीकी का विकास हुआ है 
  6. शैक्षिक तकनीकी शिक्षा पर विज्ञान तथा तकनीकी के प्रभाव को प्रदर्शित करती है 
  7. शैक्षिक तकनीकी निरंतर विकसित होती रहती है इसमें शिक्षक छात्र तथा तकनीकी  प्रक्रियाएँ है एक साथ मिलकर काम करते हैं 
  8. शैक्षिक तकनीकी का उद्देश्य सीखने सिखाने की प्रक्रिया  को विकसित करना है 
  9. यह मनोविज्ञान, इंजीनियरिंग आदि विज्ञानों के नियम से सहायता लेती है 
  10. इसमें क्रमबद्ध उपागम को प्रधानता दी जाती है






 शैक्षिक तकनीकी की सीमाएँ



  1. शैक्षिक तकनीकी ज्ञानात्मक पक्ष में काफी अधिक योगदान देती है परंतु यहां भावात्मक और संवेगात्मक पक्षों में इसका योगदान अत्यंत सीमित है भावात्मक पक्ष का विकास बच्चे में  केवल शिक्षक द्वारा ही किया जा सकता है 
  2. शैक्षिक तकनीकी के प्रयोग के लिए प्रारंभ में बड़ी मात्रा में धन की आवश्यकता होती है अनेक सामग्री खरीदने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रबंध करने के लिए काफी बड़ी मात्रा में धन व्यय करना पड़ता है जो सभी छात्रों के लिए मुमकिन नहीं है
  3. शैक्षिक तकनीकी का प्रयोग करने के लिए सभी तरह की तकनीकी जैसे कंप्यूटर, इंटरनेट आदि का प्रयोग सही ढंग से सीखना जरूरी है तभी कोई भी इसका पूरी तरह से लाभ उठा पाएगा 
  4. शैक्षिक तकनीकी के द्वारा सभी प्रकार के शैक्षिक समस्याओं का समाधान करना संभव नहीं है।
  5. यह तकनीकी सभी विद्यार्थियों को लगभग एक मशीन की भांति बदलने का कार्य करती है।


यदि आपको शैक्षिक तकनीकी के किसी और टॉपिक पर कोई भी जानकारी चाहिए तो आप नीचे कमेंट कर सकते हैं मैं जल्दी ही उस टॉपिक को इस पोस्ट में डाल कर दूंगा।

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