शैक्षिक तकनीकी के उपागम || shaikshik takaneekee upaagam

शैक्षिक तकनीकी के उपागम


 शैक्षिक तकनीकी के उपागम


शैक्षिक तकनीकी को निम्नलिखित तीन भागों में  बाँटा गया है

  1. कठोर या हार्डवेयर उपागम
  2. कोमल या सॉफ्टवेयर उपागम
  3.  प्रणाली उपागम






कठोर या हार्डवेयर उपागम


इसे दृश्य श्रव्य सामग्री या मशीन प्रणाली के रूप में भी जाना जाता है इस प्रणाली का आधार भौतिक विज्ञान तथा इंजीनियरिंग के सिद्धांतों का शिक्षा तकनीकी के क्षेत्र में प्रयोग है इसका जन्म भौतिकी तथा अभियांत्रिकी के योग से हुआ है जितने भी मशीनें या उपकरण सामग्री हम देख रहे हैं या उन्हें छू सकते हैं उनका अनुभव कर सकते हैं वह शिक्षा में सहायता करते हैं वे सभी इसी वर्ग में रखे गए हैं इसीलिए इन्हें कठोर उपागम कहा जाता है

विज्ञान एवं तकनीकी विकास के फलस्वरूप रेडियो, टेलिविजन, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, टेप रिकॉर्डर आदि जिन मशीन  या उपकरणों का आविष्कार किया गया है उन सभी की इस प्रकार की शिक्षक तकनीकी में महत्वपूर्ण भूमिका है किसी तकनीकी ने शिक्षण अधिगम प्रक्रिया का आधुनिकीकरण क्या है शिक्षा तकनीकी का इस्तेमाल करके अध्यापक एक ही समय में अधिक से अधिक छात्रों को पढ़ा सकते हैं और सुदूर स्थित छात्रों तक भी अपने ज्ञान को पहुंचा सकते हैं

 कठोर उपागम की विशेषताएँ


  1. इन्हें छुआ और देखा जा सकता है इसीलिए इन्हें कठोर उपागम कहा जाता है
  2. शिक्षण में प्रयोग होने वाली वस्तुएं जैसे प्रोजेक्टर, टीवी, रेडियो, प्वाइंटर और अन्य मशीनें शिक्षण को रोचक बनाती हैं
  3. इसका जन्म भौतिक विज्ञान और अभियांत्रिकी के योग से हुआ है जितने भी शिक्षण उपकरण या मशीनें हैं वे सभी इसी वर्ग में आते हैं
  4. कठोर  उपागम शिक्षण प्रक्रिया का मशीनीकरण करने और शिक्षण में कम खर्च और कम समय में अधिक छात्रों को शिक्षित करने का एक प्रयास है
  5. यह उपागम ज्ञान का संचय करने, ज्ञान का प्रसारण करने और ज्ञान का विस्तार करने पर अधिक बल देता है






 कोमल उपागम


इस उपागम को अनुदेशनात्मक तकनीकी( Instructional Technology ) भी कहते हैं इसमें मशीनों के स्थान पर शिक्षण तथा सिखाने के सिद्धांतों का प्रयोग विद्यार्थियों के  व्यवहार को परिवर्तित करने हेतु किया जाता है यह उपागम सामाजिक विज्ञान, मनोविज्ञान और अधिगम के मनोविज्ञान पर आधारित है कठोर उपागम की सहायता से प्रयोग में लाई जाने वाली शिक्षण सामग्रियाँ, शिक्षण युक्तियाँ, मृदुल उपागम  या सॉफ्टवेयर उपागम में आती हैं

इस उपागम की मुख्य विशेषता कार्य विश्लेषण ( Task Analysis ), शैक्षिक उद्देश्यों को व्यवहारिक शब्दावली में लिखना ( Writing educational objectives in practical terms ), शिक्षण कार्यों का मूल्यांकन करना ( Evaluation of the Teaching Activities ) पुनर्बलन करना ( Reinforcement ), शिक्षण व्यूह-रचनाओं का उचित चयन करना ( Proper selection of teaching aids ) आदि क्रियाओं के विषय में विचार विमर्श किया जाता है किस प्रकार शिक्षण अधिगम से संबंधित सभी प्रकार की क्रियाओं का संचालन इसी तकनीक के द्वारा किया जाता है

 कोमल उपागम की विशेषताएँ


  1. कोमल उपागम तकनीकी को सृजनात्मक शैक्षिक तकनीकी कहकर भी पुकारा जाता है
  2.  इसमें शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाने के लिए मनोविज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों का प्रयोग कोमल उपागम में किया जाता है
  3.  कोमल उपागम की मदद से शिक्षा को स्पष्ट तथा रोचक बनाया जा सकता है
  4.  इसकी मदद से विद्यार्थियों की ग्रहण करने की क्षमता भी बढ़ती है और उन्हें अभिप्रेरणा भी प्राप्त होती है
  5. कोमल उपागम की सहायता से व्यक्तिगत विभिन्नताओ के आधार पर शिक्षण कराना आसान होता है





 प्रणाली उपागम


 कठोर उपागम तथा कोमल उपागम में सामंजस्य रखना आवश्यक होता है इसे सामंजस्य को स्थापित करने के लिए प्रणाली उपागम की आवश्यकता होती है प्रणाली उपागम कठोर उपागम तथा कोमल उपागम को जोड़ने की कड़ी होता है इसीलिए इसे ‛व्यवस्था’ तकनीकी भी कहा जाता है

 इस प्रणाली के अंतर्गत शैक्षिक प्रशासन संबंधी विभिन्न प्रकार की समस्याओं का वैज्ञानिक पद्धति से विश्लेषण किया जाता है  इसके द्वारा शिक्षा के नियोजन, संगठन, संचालन और मूल्यांकन में बहुत सहायता मिलती है

 इस प्रणाली उपागम में शिक्षा को एक ऐसी प्रणाली माना जाता है जिसमें कुछ से तत्व अदा (Input) के रूप में काम करते हैं इन्हीं तत्वों को एक प्रक्रिया (Process) से गुजारना पड़ता है जिसके परिणाम प्रदा (Output) के रूप में प्राप्त होते हैं अतः प्रदा के रूप में उद्देश्यों की प्राप्ति होती है इस उपागम के कारण ही शिक्षा को सक्रिय उत्पादन प्रणाली का स्तर प्रदान किया जाता है

 प्रणाली उपागम की विशेषताएँ

  1.  प्रणाली उपागम एक ऐसा उपकरण है  जो शैक्षिक कार्य को अधिक उत्तरदायी, तार्किक, क्रमबद्ध और लचीला बनाता है
  2. प्रणाली उपागम शिक्षा को एक उत्पादक कार्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास करती है
  3. प्रणाली उपागम में कुछ अंग अदा, कुछ तत्व प्रक्रिया तथा कुछ तत्व प्रदा के रूप में कार्य करते हैं उद्देश्यों की प्राप्ति प्रदा के रूप में होती है
  4. प्रणाली उपागम समस्या के सभी तत्वों का विस्तार से विश्लेषण करने पर बल देती है
  5. प्रणाली उपागम विद्यार्थी केंद्रित उपागम है
  6.  यह उपागम शिक्षण तथा प्रशिक्षण को एक सामाजिक तथा तकनीकी प्रक्रिया मानता है





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